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Monday, February 12, 2018

पेट,कमर, जांघ की चरबी घटाने के तरीके..

   हर महिला कि चाह होती है कि उसकी स्किन सॉफ्ट और स्मूथ हो।चरबी के कारण स्किन bumpy हो जाती है जो दिखने में बेहद बुरी लगती है। नारियल तेल चर्बी से छुटकारा पाना का बहुत ही प्रभावी उपाय है,चरबी (सेल्युलाईट) तब होता है जब फैट का बॉडी पर जमाव, जिससे स्किन unequal हो जाती है। यह फैट हमारी thighs, hips, butt और abdomen के पास पाया जाता है,
यह समस्या महिलाओं को ज्यादा होती है क्योंकि उसकी बॉडी में फैट सेल्स ज्यादा होते हैं। वजनी और दुबली-पतली दोनों ही महिलाओं के बॉडी में cellulite मौजूद होता है, लेकिन नोटिस सिर्फ ज्यादा वजन वाली महिलाओं में ही होता है।इसे कंट्रोल किया जा सकता है।



नारियल तेल खाने में लेना..




   नारियल तेल खाने में लेना, नारियल का तेल बॉडी में natural fat को जलाने की प्रक्रिया को तेज करता है और चरबी को जलाने में मदद मिलती है। अपनी डाइट में दो से तीन चम्मच लेना पर्याप्त होता है।



   नारियल तेल का topical application भी चरबी से छुटकारा पाने का सबसे आसान तरीका है, coconut oil से चरबी वाले हिस्से में मसाज करना होगा।यह तेल human skin में आसानी से अवशोषित हो जाता है और सेल्स में फैट के जमाव को कम करता है। यह स्किन को पोषण करने के साथ-साथ उसे softer, smoother और younger-looking बनाती है।

चरबी के लिए कॉफी और नारियल तेल


   घर पर आप कॉफी और नारियल तेल से बना फेस स्क्रब बनाकर भी इसे दूर कर सकती है। इसके लिए आपको सिर्फ इतना करना है कि नारियल के तेल को चीनी और कॉफी बीन्स के साथ मिलाकर नैचुरल स्क्रब बनाना है ताकी आप अपनी स्किन पर चरबी को कम करने के लिए रगड़ सकें। 

   कॉफी का rough और raw texture और चीनी का exfoliant रूप clogged pores को खोलता है, जबकि नारियल का तेल स्किन में उचित hydration बनाए रखता है।  इस पेस्ट को बनाने के लिए गर्म नारियल तेल का उपयोग करना एक अच्छा विचार है। 

  इस तरह से आप खाने और लगाने दोनों ही तरह से आप चरबी को काफी हद तक कम कर सकती हैं।

अधिक जानकारी के लिए वीडियो दिखे। 









Thursday, January 15, 2015

उपविस्ताकोनाआसना(Upviastakonasna)



विधिः 
१.     दण्डासन में बैठकर पैरों को दोनों ओर पाश्व भागों में जितना फैला सकते है ,फैलाइए। 
२.     दोनों हाथों से पैरों के अंगूठो को पकड़ कर श्वास बाहर निकले हुये छाती एवं पेट को भूमि पर स्पर्श कीजिए।  ठोड़ी भी भूमि पर लगी हुई होगी।  इस स्थिति में कुछ देर यथाशक्ति रहकर विधि क्रमांक एक की स्थिति में आ जाये। 



लाभ:    जंघा ,टांगे , कमर। पीठ एवं गुर्दे( Kidney)लाभकारी है  और उदर निर्दोष होकर वीर्य स्थिर होता है।